गांव के बच्चों का कब्जा शहरी खेलों में, पहुंचे नेशनल तक

गांव के बच्चों का कब्जा शहरी खेलों में, पहुंचे नेशनल तक

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गांव के बच्चों का कब्जा शहरी खेलों में, पहुंचे नेशनल तक

डोंगरगांव, छत्तीसगढ़ :

डोंगरगांव तहसील मुख्यालय से करीब 28 किमी दूर ग्राम दाऊटोला के है स्कूल के बच्चे अपनी खेल प्रतिभा से गांव का नाम रोशन कर रहे है। एक छोटे से गांव के सैकड़ों बच्चों ने अपनी शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्टेट और नेशनल लेबल तक पहुंचे है। यह बहुत बड़ी बात है कि एक ही गांव व स्कूल से पिछले और इस साल में इतने बच्चों का चयन उच्च स्तरीय खेल के लिए हुआ है। ये गांव के इन बच्चों की खेल प्रतिभा से उनके माता पिता, पूरा गांव और शिक्षकगण गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। इन सब का श्रेय उनके व्यायाम शिक्षक को जाता है जिनके मार्गदर्शन में ये बच्चे यहां तक पहुंच सके हैं।

गांव के बच्चों का कब्जा शहरी खेल में: अंचल के शासकीय हाईस्कूल दाऊटोला के छात्र-छात्राएं इन दिनों ऐसे खेल में नाम कमा रहे हैं जिन पर ज्यादातर शहरी छात्रों का कब्जा रहता था. स्कूल के सौ से अधिक छात्र-छात्राएँ खिलाड़ी अभी तक स्टेट लेबल से लेकर नेशनल लेबल तक में गांव का नाम रौशन कर चुके हैं. इस स्कूल के विद्यार्थी बाल बेडमिंटन, स्पीड बॉल, फ्लोर बॉल, टारगेट बॉल, ड्राप रो बॉल, जम्प रोप जैसी खेल विधाओं में अव्वल है.

व्यायाम शिक्षक की मेहनत और बच्चों की लगन से पूरा क्षेत्र है गौरवान्वित: अम्बागढ़ चौकी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले शासकीय हाई स्कूल दाऊटोला के छात्र-छात्राओं की रूचि खेल के प्रति बढ़ाने वाले व्यायाम शिक्षक सुनील नागदौने स्वयं फ्लोर बॉल के अंतरराष्ट्रीय रेफरी और टारगेट बॉल के नेशनल रेफरी है, और उनकी मदद से स्कूल के छात्र-छात्राएं इन खेलों में दिलचस्पी लेने लगे और देखते ही देखते इन खेलों में पारंगत हो गए हैं. व्यायाम शिक्षक सुनील ने बताया कि स्कूल के 75 छात्र-छात्राएं स्टेट लेबल तथा 4 छात्र राष्ट्रीय प्रतियोगिता में इसी वर्ष शामिल हुए जबकि गत वर्ष 21 विद्यार्थी खेलने गए थे. स्पीड बॉल, टारगेट बॉल, फ्लोर बॉल की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता राजनांदगाँव में आयोजित हुई थी। जिसमें नेशनल प्रतियोगिता के लिए मुकेश्वरी, शैलेन्द्र, सूरज, यामिनी ने हिस्सा लिया था और पिछले वर्ष पूर्णिमा साहू ने जम्प रो में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदर्शन किया था। शाला में खेल के प्रति इस तरह की गहरी रूचि और उपलब्धियों पर ग्रामीण भी गौरवान्वित हैं। बड़ी संख्या में खेलों में बच्चों के हिस्सा लेने से शाला का नाम सभी ले रहे हैं और ग्रामीण खेलकूद में विद्यार्थियों की उपलब्धि को सकारात्मक मानते हैं। खेलने वाले इन विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। बच्चों की इस उपलब्धि पर प्राचार्य महादाता सिंह, ग्राम सरपंच सूरजाश्याम, रामाधार हिरवानी, भूषण सिन्हा, अनिल देवांगन सहित शिक्षक-शिक्षकाओं व ग्रामीणों ने शुभकामनाएं दी है।

बच्चों ने यहाँ खेला स्टेट और नेशनल: श्री नागदौन ने बताया कि स्कूल के बच्चों ने नए खेल के प्रति काफी आकर्षित हुए और पूरी लगन और मेहनत से अपने खेल का प्रदर्शन किया है। ये बच्चे अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणा साबित हो रहे है जो इन खेलों के बारे में कभी सुने नहीं होंगे। ज्यादातर सरकारी स्कूलों में खो-खो , कबड्डी जैसे महत्वपूर्ण खेलों तक ही सिमट कर राह गई है वहाँ भी इन नये खेलों का अभ्यास करना चाहिए। उन्होंने बताया कि 11 बच्चे स्पीड बॉल के लिए राजनांदगांव में हुए स्टेट प्रतियोगिता में शामिल हुए तथा 2 बच्चे हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में हुए नेशनल प्रतियोगिता में सम्मिलित हुए, इसी प्रकार 9 बच्चे फ्लोर बॉल स्टेट और 2 बच्चे नेशनल में भाग लिए जो राजनांदगांव में हुआ। ऐसे ही टारगेट बॉल के लिए 3 बच्चे राजनांदगांव में स्टेट खेले, 19 बच्चे बॉल बैडमिंटन जिसका स्टेट खेले जो महासमुंद में हुआ, 12 बच्चे बॉल बैडमिंटन मिनी जिसका स्टेट लेवल का खेल कवर्धा में हुआ, 19 बच्चे ड्राप-रो बॉल जिसका स्टेट कवर्धा में हुआ तथा 1 छात्रा जम्प-रो में भाग लिया और बिलासपुर में हुए स्टेट लेवल की प्रतियोगिता में प्रदर्शन किया। इस स्कूल के 20 विद्यार्थियों ने स्टेट और 1 छात्रा ने नेशनल प्रतियोगिता में पिछले वर्ष भी स्पीड बॉल, ड्राप-रो बॉल, बॉल बैडमिंटन, जम्प-रो बॉल जैसे खेलों में प्रदर्शन किया था।

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